कौशाम्बी में भारतरत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती धूमधाम से मनाई गई | Karpoori Thakur | BiharCM

भारतरत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की जयंती पर भव्य समारोह आयोजित

कौशाम्बी : मंझनपुर थाना क्षेत्र के एक निजी गेस्ट हाउस में शुक्रवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री भारतरत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में सेन, शर्मा, सविता समाज के लोग एकत्रित हुए और इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के योगदान और उनके संघर्ष को याद किया।

समारोह की शुरुआत कर्पूरी ठाकुर जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने से हुई। इसके बाद उपस्थित लोगों ने उनके जीवन, कार्यों और समाज के प्रति उनके योगदान पर गहरी चर्चा की। भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर, जिन्होंने सामाजिक न्याय और गरीबों के अधिकार के लिए निरंतर संघर्ष किया, को श्रद्धांजलि देने के लिए विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने कर्पूरी ठाकुर के नेतृत्व में हुए ऐतिहासिक सुधारों और उनकी नीतियों की सराहना की। उनके योगदान के कारण ही बिहार राज्य के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव आए थे, इस बात को सभी ने माना।

समारोह में मुख्य रूप से रवि सेन, दिलीप सेन, डॉ. वीरेंद्र सेन, महेंद्र सेन, नितेश सेन, राहुल सेन सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कर्पूरी ठाकुर जी की समाज सेवा की भावना और उनके द्वारा किए गए कार्यों पर चर्चा की। समारोह के दौरान आयोजकों ने कर्पूरी ठाकुर के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने और उनके विचारों को जीवित रखने का संकल्प लिया।

समारोह के अंत में एक अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मंझनपुर स्थित वृद्धाश्रम में फल और मिष्ठान वितरित किए गए। यह आयोजन कर्पूरी ठाकुर के समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्ग के प्रति प्रेम और संवेदनशीलता को दर्शाता है। वृद्धाश्रम में बुजुर्गों को फल और मिष्ठान देने से उनका हौसला बढ़ा और आयोजकों द्वारा इस नेक कार्य को बहुत सराहा गया। 

समारोह का समापन जननायक कर्पूरी ठाकुर जी के योगदान को जन-जन तक पहुंचाने और उनके दिखाए गए रास्ते पर चलने का संकल्प लेकर हुआ। आयोजकों ने इस अवसर पर अपने सभी शुभचिंतकों और समाज के अन्य लोगों से अपील की कि वे कर्पूरी ठाकुर के विचारों का पालन करते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कार्य करें। 

भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर आयोजित यह भव्य समारोह न केवल उनकी याद दिलाने के लिए था, बल्कि यह एक सामूहिक प्रयास भी था, जिससे समाज में समानता, न्याय और भाईचारे की भावना को बढ़ावा दिया जा सके।

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